बोकारो, जनवरी 13 -- वैशाली मोड़ मैदान सेक्टर 9 में श्रीमद भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन सोमवार को भी छठे दिन किया गया। भागवत कथा के प्रवचनकर्ता सचिन कौशिक जी महाराज ने कहा भागवत कथा में रासलीला, कृष्ण और गोपियों के दिव्य प्रेम और जीवात्मा-परमात्मा के मिलन का अद्भुत वर्णन है। जो भागवत के दशम स्कंध में वर्णित है; यह रास (नृत्य) और लीला (खेल) का संगम है। जो शरद् पूर्णिमा की रात यमुना तट पर होती है, जिसमें कृष्ण उतने रूप धारण करते हैं जितनी गोपियां थी और इसे शुद्ध भक्ति का परम संदेश माना जाता है। जहां गोपियाँ अपने अहंकार को त्यागकर कृष्ण में लीन हो जाती हैं, जिससे भक्तों को कृष्ण की शुद्ध भक्ति प्राप्त होती है। रासलीला का महत्व और अर्थ जीवात्मा और परमात्मा का मिलन: रासलीला का वास्तविक अर्थ जीवात्मा (गोपियां) और परमात्मा (कृष्ण) का मिलन...