विकासनगर, जनवरी 10 -- शिशु विद्या मंदिर नेहरू मार्केट डाकपत्थर में चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को कथा व्यास ने ध्रुव चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने कथा के माध्यम से ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास और भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। बताया कि पांच साल की अल्पायु में ध्रुव ने घर छोड़ दिया था। रास्ते में उन्हें नारद मुनि मिले, जिन्होंने ध्रुव को घर लौटने और जंगल के खतरों से आगाह किया। हालांकि, ध्रुव अपने नारायण भक्ति के दृढ़ संकल्प पर अडिग रहे, जिसके बाद नारद मुनि ने उन्हें ज्ञान प्रदान किया।

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