गोपालगंज, मई 5 -- कथावाचिका ने कहा कि धूंधकारी, जघाई, मघाई जैसे पापियों का हुआ उद्धार परसौनी खास में आयोजित महायज्ञ में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब उचकागांव,एक संवाददाता। प्रखंड के परसौनी खास गांव में चल रहे श्रीविष्णु महायज्ञ के अवसर पर कथावाचिका अर्चना मणि पराशर ने श्रीमद् भागवत कथा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि कथा श्रवण मात्र से ही मानव के पापों का नाश हो जाता है और जीवन का कल्याण सुनिश्चित होता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि 18 हजार श्लोकों, 335 अध्यायों व 12 स्कंधों वाली एक दिव्य संहिता है। इसकी रचना वेदव्यास जी ने भगवान गणेश की सहायता से की थी। राजा परीक्षित को सुखदेव जी महाराज ने इसी कथा का श्रवण कराया था। जिससे उनका मोक्ष संभव हुआ। कथावाचिका ने उदाहरण देते हुए कहा कि धूंधकारी, जघाई, मघाई जैस...
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