औरैया, फरवरी 6 -- अजीतमल, संवाददाता। क्षेत्र के ग्राम बरीपुरा में आयोजित सात दिवसीय भागवत महापुराण कथा के छठवें दिन कथा स्थल पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। दूर-दराज के गांवों से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने कथा श्रवण किया। कथावाचक आचार्य महंत हरभजन दास ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने रासलीला, गोपी उद्धार, उद्धव प्रसंग, कंस वध की भूमिका और मथुरा गमन की कथाओं को विस्तार से सुनाया। आचार्य ने कहा कि गोपियों का प्रेम नि:स्वार्थ भक्ति का सर्वोच्च उदाहरण है और श्रीकृष्ण की लीलाएं आत्मा व परमात्मा के मिलन का प्रतीक हैं। कथा के दौरान भजनों और संकीर्तन से पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया।

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