झांसी, जनवरी 15 -- श्री दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर (नहर के पास) में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा व्यास आचार्य पं. पुष्पेंद्र दुबे महाराज ने भागवत महात्म्य का रसपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का दिव्य दर्शन है, जो मनुष्य को धर्म, सदाचार और मानवता की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मुख्य यजमान शिल्पी रविन्द्र साहू रहीं, जिनके श्रद्धाभाव और सेवा-समर्पण से यह आयोजन जन-जन के लिए आध्यात्मिक संजीवनी बन रहा है। कथा का कुशल संचालन पं. सियारामशरण चतुर्वेदी द्वारा किया जा रहा है, जिनकी वाणी और व्यवस्था ने आयोजन को अनुशासित व सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया। जब व्यक्ति अपने धर्म और कर्तव्य को समझकर निष्काम भाव से कर्म करता है, तभी समाज में संतुलन, शांति और समृद्धि आती है। आज के समय में गीता का संदेश पहले ...