शामली, जनवरी 27 -- भारतीय किसान यूनियन (सेवक) के पदाधिकारियों ने मंगलवार को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन शामली तहसील में सौंपा। ज्ञापन में प्रस्तावित एनईपी-2026 (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) में शामिल जातीय प्रावधानों का विरोध करते हुए इसे देश की शिक्षा व्यवस्था, सामाजिक समरसता एवं बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए घातक बताया गया। ज्ञापन में कहा कि प्रस्तावित नीति में जाति आधारित प्रावधानों से विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में सामाजिक विभाजन बढ़ेगा। शैक्षणिक संस्थान ऐसे स्थान हैं, जहां विभिन्न समुदायों के छात्र समानता, सहयोग और आपसी समझ के साथ शिक्षा ग्रहण करते हैं, लेकिन जाति आधारित व्यवस्था से बच्चों को अलग-अलग समूहों में बांटने की आशंका है, जिससे मानसिक द्वेष, गुटबाजी और प्रतिस्पर्धात्मक कटुता बढ़ सकती है। आशंका जताई कि इस नीति से सामान्य वर्ग ...