नई दिल्ली, फरवरी 18 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 'लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भाई-भतीजावाद और स्वार्थपरता घोर अपराध हैं, खासकर तब जब यह सरकारी सेवा के सदस्यों द्वारा किया जाता हो। शीर्ष अदालत ने हरियाणा सरकार की एक हाउसिंग सोसाइटी द्वारा गवर्निंग बॉडी द्वारा अपने सदस्यों और कर्मचारियों को किए गए फ्लैट आवंटन को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की है। जस्टिस संजय कुमार और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने अपने फैसले में कहा है कि 'गवर्निंग बॉडी के सदस्यों ने अपने और अपने कर्मचारियों को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पदों का गलत इस्तेमाल किया। पीठ ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को खारिज करते हुए यह फैसला दिया है, जिसमें आवंटन प्रक्रिया में दखल देने से इनकार कर दिया था। फैसले में गवर्निंग बॉडी के अधिकारियों द्वार फ्लैट आवंट...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.