नई दिल्ली, जून 4 -- आज से 366 साल पहले यानी 4 जून 1659 को मुगल हुकूमत के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा गया, जब आलमगीर औरंगजेब ने दिल्ली की गद्दी पर आधिकारिक रूप से कब्जा किया। औरंगजेब सबसे क्रूर मुगल शासक माना जाता है। यह वह दिन था जब एक शहजादे के बादशाह बनने की जिद ने न केवल उसके भाइयों की जान ली, बल्कि एक ऐसे शासन की नींव रखी, जिसे इतिहास क्रूरता, युद्धों और धार्मिक कट्टरता के लिए हमेशा याद रखेगा।गद्दी की जंग में भाइयों की ली जान औरंगजेब, तीसरे मुगल बादशाह शाहजहां का तीसरा बेटा था, जो 1618 में गुजरात के दाहोद में पैदा हुआ था। उसकी महत्वाकांक्षा और रणनीतिक चतुराई ने उसे अपने भाइयों- दारा शिकोह, शाह शुजा और मुराद बख्श के खिलाफ खड़ा कर दिया। 1657 में शाहजहां की बीमारी की खबर ने उत्तराधिकार की जंग को हवा दी। इतिहासकार जदुनाथ सरकार की किताब ...
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