देवघर, नवम्बर 21 -- पालोजोरी, प्रतिनिधि। प्रखंड के फाड़ासिमल गांव स्थित शनिमंदिर परिसर में सात दिवसीय भागवत ज्ञान यज्ञ की शुरुआत मंगलवार से हुई। अनुष्ठान की प्रथम संध्या से भागवत कथा का श्री गणेश हुआ। भागवत कथा के क्रम में बुधवार को वृंदावन से पधारे कथावाचक श्रीहित कुलदीप कृष्णजी ने अपने कथा के माध्यम से शौनकादि ऋषि द्वारा श्री सूतजी से किए गए छह प्रश्न के साथ भागवतजी की रचना के विषय में बताया। भागवतजी के आश्रय के साथ देवर्षि नारद और व्यास संवाद में कहा कि जो भागवत भगवान के चरण शरण ग्रहण करते हैं, चाहे वह कितना ही आदम पतित से पतित क्यों न हो, भगवान उसे अपना लेते हैं। उदाहरण के रूप में दासी पुत्र नारद भगवान की आराधना कर अगले जन्म में ब्रह्मपुत्र नारद बनकर आए। साथ ही आगे के प्रसंग में द्रोण पुत्र अश्वत्थामा के दंड के साथ उत्तरा देवी के गर्व ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.