भागलपुर, अक्टूबर 14 -- भवानीपुर गांव स्थित दक्षिणेश्वर काली मंदिर श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का एक अद्भुत केंद्र है। कहा जाता है कि यह मंदिर करीब 200 वर्ष पुराना है और इसकी स्थापना किसी साधारण मानव की इच्छा से नहीं, बल्कि मां काली के प्रत्यक्ष आशीर्वाद से हुई थी। दीपावली की रात्रि में यहां का वातावरण भक्तिमय हो उठता है। दूर-दराज के जिलों के अलावा पश्चिम बंगाल, झारखंड और असम से भी श्रद्धालु यहां मां काली की पूजा-अर्चना और चढ़ावा चढ़ाने के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में मुख्य पुजारी प्रभात झा और अमित झा परंपरागत वैदिक विधियों से मां की आराधना करते हैं। इस दौरान पूरा गांव और आसपास के इलाके में "जय मां काली" के जयकारे गूंजते रहते हैं। खेल-खेल में शुरू हुई थी पूजा की परंपरा गांव के बुजुर्गों की मानें तो भवानीपुर के सोनरा बहियार में एक दिन कुछ बच्चो...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.