बक्सर, अगस्त 5 -- पेज 5, सिमरी। प्रखंड क्षेत्र के बड़का सिहनपुरा गांव में 23 वर्षो से वार्षिक पूजन में हरिनाम कीर्तन का आयोजन होते आ रहा है। इस वर्ष भी पूजनोत्सव में हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पंडित गजेन्द्र ओझा कहना है कि कलिकाल में हरिनाम ही एकमात्र सहारा हैं जो मनुष्यों को संसार मे सुख शांति प्रदान करने के साथ साथ भवसागर से पार करता हैं। यह पूजन ग्राम व क्षेत्र के कल्याण के लिए हर वर्ष किया जाता हैं। उन्होंने हरिनाम कीर्तन के महत्ता को समझाया। कलियुग में कीर्तन एक सरल और सुलभ साधना है, जिसे कोई भी व्यक्ति, बिना किसी विशेष योग्यता या तैयारी के कर सकता है। कीर्तन के माध्यम से लोग भगवान के नजदीकी महसूस करते हैं। कीर्तन करने से व्यक्ति को शांति, आनंद, और आध्यात्मिक विकास का अनुभव होता है। वहीं, मन शांत होता है और तनाव कम होत...
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