ललितपुर, जनवरी 15 -- बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पुरानी कुप्रथा ''भवरात'' के दौरान वन्य जीवों के अवैध शिकार को लेकर प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी ललितपुर ने जनपद में विभागीय अफसरों व कर्मियों को हाईअलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी क्षेत्रीय वन अधिकारियों के साथ सुबह 11 बजे एक ब्रीफिंग कान्फ्रेंस करके शिकारियों पर रोकथाम के लिए रणनीति तय की। बुंदेलखंड में मकर संक्रांति के बाद आने वाली दो भवरात की रातों में जंगली जानवरों का शिकार करने को एक शुभ कार्य माना जाता रहा है। जिसकी वजह से शिकारी जंगली जानवरों का शिकार करते रहे हैं। आम तौर पर उनके निशाने पर जंगली सुअर रहते हैं। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी ने इस तरह के शिकार पर कड़ाई से रोक लगा रखी है। इस बार भी जंगली जीवों के शिकार सहित किसी भी अवैध गतिविधि को रोकने और सतर्कता बरतने...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.