झांसी, जनवरी 2 -- ग्वालियर रोड सिविल लाइन स्थिति कुंजबिहारी मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में बड़ी संख्या में भक्त उमड़े। बुंदेलखण्ड धर्माचार्य महंत राधामोहन दास महाराज ने महर्षि नारद, भीष्म पितामह और कुंती चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने कहा भगवान से जब भी कुछ मांगने का मौका मिले तो संसार की क्षणिक सुख देने वाली यश तथा आराम देने वाली वस्तुएं न मांगकर स्वयं भगवान को अर्थात उनकी भक्ति को मांगना चाहिए। माता कुंती भगवान कृष्ण से कहती है कि सुख से अच्छा तो दुख ही ठीक है क्योंकि दुख में उन्हें भगवान का स्मरण होता रहता है किंतु सुख में हम भगवान को भूल कर अपनी सांसारिक माया में ही खोये रहते हैं। "दुख में सुमिरण सब करें सुख में करे न कोय, जो सुख में सुमिरण करे तो दुख काहे को होय"।नारद जी के पूर्व जन्म की कथा एवं कर्दम ऋषि देहुति के विवाह संस्का...