रायबरेली, सितम्बर 24 -- ऊंचाहार। भगवान राम का पूरा जीवन जड़ता और दुखों से रहित है। वो लीलाओं में दु:खी होते है, सीता की खोज में रोते भी है, उनमें पूरी अयोध्या से अनुराग भी दिखता है किंतु वास्तव में वो इन सब से परे है। उक्त विचार ऊंचाहार नगर के कोतवाली रोड पर चल रही राम कथा में कथावाचक वृन्दावन से आई प्रगति पांडेय ने व्यस्त किए।

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