सहारनपुर, दिसम्बर 3 -- श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। आचार्य ने कथा में नंदलाल के जन्मोत्सव का भी विस्तृत वर्णन किया। बुधवार को कथावाचक आचार्य ब्रह्मानंद सरस्वती महाराज ने बताया गया कि देवकी-वसुदेव की कोठरी मे विष्णु भगवान ने कृष्ण रूप में अवतरित होकर संसार को अधर्म से बचाने का संकल्प लिया। इसके बाद कथावाचक ने पूतना वध की कथा का वर्तान्त सुनाया। बताया कि असुर राक्षसी पूतना शिशु कृष्ण को मारने के उद्देश्य से गोकुल आई थी। परंतु भगवान ने उसके दुग्धपान करते समय न केवल उसका वध किया, बल्कि उसे मुक्ति भी प्रदान की। कार्यक्रम का समापन भजन, आरती और श्रद्धालुओं के उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान पूर्व मंत्री डा. धर्मसिंह सैनी, विधायक देवेन्द्र निम, पूर्व जिला पं...
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