प्रयागराज, जनवरी 29 -- माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर 6, दंडी मार्ग स्थित मां कालका धर्मार्थ ट्रस्ट में चल रही शिव महापुराण कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति के रस में गोते लगाए। गुरुवार को कथा व्यास मनोहर शरण शास्त्री ने भगवान शिव द्वारा अंधकासुर वध प्रसंग का वर्णन किया। कथा व्यास ने बताया कि अंधकासुर, भगवान शिव के पसीने से जन्मा उनका ही पुत्र था, जिसका पालन-पोषण असुर हिरण्याक्ष ने किया था। ब्रह्माजी से वरदान प्राप्त अंधकासुर के रक्त की हर बूंद से नए दैत्य उत्पन्न होते थे। इस विकट स्थिति में भगवान शिव ने भैरव रूप धारण किया और देवी की सहायता से उसका अंत कर उसे अपने त्रिशूल पर उठा लिया। अंततः अहंकार त्यागने पर उसे शिव गणों में स्थान मिला। इस अवसर पर ट्रस्ट की अध्यक्ष दीदी मां सुधा भारद्वाज, दिनेश भारद्वाज उपस्थित रहे। आयोजन के अंत में महाआरती ...