हापुड़, जुलाई 15 -- नगर के ऐतिहासिक नक्का कुआं मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा के चौथे दिन कथा व्यास ने श्रोताओं को भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी के दिव्य रूपों की महिमा सुनाई। व्यास पंडित सुरेश दत्त शर्मा ने बताया किसृष्टि की रचना और संचालन के लिए ब्रह्मा जी ने हंस रूप धारण किया, क्योंकि हंस में ज्ञान और अज्ञान का विवेक करने की अद्भुत शक्ति होती है। वहीं, भगवान विष्णु ने वराह रूप इसलिए लिया क्योंकि उन्हें ब्रह्मांड की गहराई में जाकर दिव्य शिवतत्व का अनुसंधान करना था। कथा में व्यास जी ने विस्तार से बताया कि जैसे ही भगवान विष्णु ने वराह अवतार लिया, उसी दिन वराह कल्प का शुभारंभ हुआ। उनकी कृपा से यह अचेतन जगत चेतन बन गया और सप्त पाताल लोकों के स्वामी विष्णु स्वयं विराट पुरुष के रूप में सुशोभित हो गए। भगवान शिव की कृपा से वे अब ब्रह्मांड से पर...
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