औरंगाबाद, जनवरी 15 -- नवीनगर नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर 12 भवानोंखाप स्थित संघत परिसर में गो गीता गायत्री सत्संग सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के सातवें दिन कथावाचक अनिल शास्त्री ने कथा वाचन किया। उन्होंने बताया कि द्वापर युग में असुर कालनेमि की पुत्री वृंदा का विवाह जालंधर राक्षस से हुआ था, बाद में भगवान विष्णु ने वृंदा का वरण किया और वे तुलसी वृंदावन के रूप में प्रसिद्ध हुईं। कथा में यह भी बताया गया कि कालनेमि ने देवताओं पर आक्रमण किया, जिसे भगवान विष्णु ने समाप्त किया। कालनेमि के छह पुत्रों पर हिरण्याक्ष के श्राप का अलग प्रभाव पड़ा क्योंकि उन्होंने पुण्य कर्म किए थे। इसके बाद कालनेमि ने राजा उग्रसेन और पद्मावती के घर कंस के रूप में जन्म लिया। कार्यक्रम में सरपंच दीपक मेहरा, पूजा मेहरा, थानाध्य...