पलामू, जून 12 -- हैदरनगर, प्रतिनिधि। हिन्दू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास नववर्ष संवत्सर का चौथा महीना होता है। यह मास ग्रीष्म और वर्षा ऋतु के संधिकाल का प्रतिनिधित्व किये जाने से धार्मिक दृष्टि से विशेष माना गया है। इस मास की विशेषता पर वयोवृद्ध पं. कुंडल तिवारी ने कहा कि आषाढ़ मास में गुप्त नवरात्र का विशेष महत्व है। इस अवधि में माता दुर्गा की दस महाविद्याओं यथा - महाकाली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, त्रिपुर भैरवी और कमला की विशेष तांत्रिक साधना व अनुष्ठान किये जाते हैं। इन देवियों को गुप्त रुप में पूजा किये जाने आध्यात्मिक साधकों के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। इस मास की अमावस्या को भी विशेष पुण्यदायी माना गया है। वहीं अषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से भगवान जगन्नाथ का विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का उ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.