लखीसराय, जुलाई 28 -- प्रस्तुति : अविनाश, लखीसराय। जिले की धरती पर ऐसे अनगिनत खजाने दबे पड़े हैं जो समय की धूल में दब गए हैं। लखीसराय जिले के बहादुरपुर गांव में स्थित पंचवदन महादेव मंदिर इसका जीवंत उदाहरण है। यह महज कोई साधारण शिव मंदिर नहीं, बल्कि एक अनमोल धार्मिक धरोहर है जो अपनी अनूठी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध है । इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां लिंगबेर स्थापित है - जो शिवलिंग और भगवान शिव के स्वदेह का एक साथ समाहित रूप है। पुरातत्व विभाग के अनुसार, यह चार फीट व्यास और चार फीट ऊंचाई का काले पत्थर से निर्मित अत्यंत चमकीला शिवलिंग है। इसकी सबसे रहस्यमयी बात यह है कि इसकी गहराई का अब तक कोई आकलन नहीं हो सका है। धर्म ग्रंथों और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने त्रेता युग में अत्रि मुनि की सहायता से इस स्थान पर शिवल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.