मुजफ्फर नगर, नवम्बर 11 -- जानसठ रोड स्थित लक्ष्मण बिहार में चल रही चल रही श्री मद भागवत कथा के तृतीय दिवस में कथा व्यास गंगोत्री तिवारी मृदुल महाराज ने ध्रुव जी के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान को निर्मल मन अत्यधिक प्रिय है। जिसके मन में छल कपट होता है वो भगवान को कभी भी प्रिय नहीं लग सकते। भाव से ध्रुव जी ने भगवान को पुकारा तो प्रभु ने ध्रुव जी पर कृपा करी। भाव से मीरा ने गिरिधर को पाया। कथा व्यास ने कहा कि हमारे ग्रंथ हमें सतमार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। सती प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि सती के पिता दक्ष ने अभिमान किया तो भगवान शिव ने उसके अभिमान को समाप्त किया। इस अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में एन के बंसल, उमा बंसल ने सपत्नीक व्यास पीठ का पूजन किया। बी के सूर्यवंशी, हरि मोहन शर्मा, सत्य प्रकाश गोयल, मंजू त्यागी, राजीव त्...
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