गोपालगंज, नवम्बर 25 -- पंचदेवरी, एक संवाददाता । प्रखंड के नंदपट्टी गांव स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय सतचंडी महायज्ञ के तीसरे दिन अयोध्या से आए कथा व्यास रीतिकानंद जी महाराज ने कहा कि दुनिया केवल भगवान के सच्चे नाम को जान कर निरंतर भजन सुमरन करना ही सत्य है। उन्होंने कहा कि बाकी संसार सब मिथ्या है। भगवान का सच्चा नाम प्रत्येक मनुष्य के ह्दय में मौजूद है। जिसका ज्ञान समय के सच्चे तत्वदर्शी महापुरुष कराते हैं। ज्ञान को जानने के लिए मनुष्य के अंदर प्रेम होना चाहिए। महेश जोशी ने कहा कि मनुष्य शरीर को सभी योनियों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इस योनि में भगवान की भक्ति संभव है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने पार्वती से कहा था कि उमा कहउं मैं अनुभव अपना। सत् हरि भजन जगत सब सपना। जिसका अर्थ है कि शिव ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि भ...