गाजीपुर, जुलाई 10 -- पतार, हिन्दुस्तान संवाद। स्थानीय गांव में आयोजित भागवत कथा के छठे दिन कथा वाचक अखिलेश उपाध्याय ने कहा कि भगवान केवल प्रेम के प्यासे हैं। प्रेम के बंधन में बधकर प्रभु अपने भक्तों के लिए सब कुछ करने को तैयार हो जाते हैं। जब कंस भगवान कृष्ण को मारने के लिए भेजे गए सभी प्रकार के उपायों से थक गया तो उसने कृष्ण बलदेव को मथुरा बुलाने के लिए एक समारोह का आयोजन किया। इसके लिए उसने अक्रूर को नंद बाबा के पास भेजा। अक्रूर कृष्ण बलदेव और नंद बाबा सहित ग्वाल बाल को लेकर मथुरा पहुंचे। मथुरा पहुंचने के बाद भगवान कृष्ण अपनी लीलाओं को करते हुए समारोह स्थल पर पहुंचे। जहां उन्हें मुष्टिक व चारूण ने मल्ल युद्ध के लिए ललकार। मल्ल युद्ध में मुष्टिक को मारने के बाद भगवान कृष्ण दौड़कर ऊपर बैठे कंस के केशो को पड़कर घसीटते हुए सीढ़ियों से नीचे ...
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