कानपुर, नवम्बर 21 -- कानपुर। उद्बोधन समिति के 58वें महाधिवेशन के अंतर्गत श्रीमद्भागवद्कथा सप्ताह के दूसरे दिन व्यास डॉ.मनोज शुक्ल ने भागवत महिमा का वर्णन किया। बताया कि बिना भजन के मनुष्य को सुख की प्राप्त नहीं हो सकती है। जो लोग बिना छल-कपट के अपना अस्तित्व भी भगवान के चरणों में समर्पित कर देते हैं, उन पर भगवान स्वयं कृपा कर देते हैं। भगवान की कृपा से ही उनकी माया को समझा जा सकता। कार्यक्रम में आचार्य प्रेमजी, दंडी स्वामी रामानंद आश्रम, नरेंद्र शर्मा, सुनील अग्रवाल, सुधीर अग्रवाल, पं.राजेश मिश्रा, जितेंद्र सक्सेना, शिवम जोशी आदि मौजूद रहे।
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