देवघर, फरवरी 11 -- मधुपुर प्रतिनिधि स्थानीय पंचमंदिर दुर्गा मंदिर के समक्ष चल रहे हैं नवाहन पारायण यज्ञ सह श्री रामकथा के पंचम दिन महर्षि विश्वामित्र का दशरथ के यहां आगमन, भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को यज्ञ रक्षा के लिए मांगना, राजा दशरथ का मोह, ताड़का वध और भगवान श्री राम का जनकपुरी में प्रवेश, पुष्प वाटिका निरीक्षण का कथावाचक मधुसूदन शास्त्री ने रोचक और आकर्षक वर्णन प्रस्तुत किया। कथावाचक ने बताया कि भगवान श्रीराम ने महर्षि विश्वामित्र से किस-किस तरह की शिक्षाएं ली, किस तरह ताड़का का वध किया, अहिल्या का उद्धार किया और जनकपुर के धनुष यज्ञ में सम्मिलित हुए। गुरु से आज्ञा के बाद दोनों भाई पुष्प वाटिका निरीक्षण के लिए गए जहां श्रीराम और माता सीता ने एक-दूसरे को देखा। बीच-बीच में क्षेपक कथाओं और संगीतमय भजनों से कथावाचक सामाजिक संदेश देते रहे।...
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