झांसी, दिसम्बर 29 -- झांसी। गांव हरपुरा स्थित श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में बाल ब्यास प्रिंसी अड़जरिया ने कहा कि कथा मोक्षदायनी गंगा है। यह भगवान का स्मरण मानव जीवन को दिशा देने वाला तथा हृदय को शांति प्रदान करने वाला माध्यम है। उन्होंने कहा कि संकट, सुख दोनों ही परिस्थितियों में भगवान का स्मरण मन को स्थिर, शांत व आनंदमय बनाए रखता है। भक्ति, ध्यान, सेवा के मार्ग पर चलकर व्यक्ति न केवल अपने हृदय को पवित्र करता है, बल्कि उसका जीवन भी संतुलित एवं समाज के लिए हितकारी बन जाता है। बाल ब्यास ने बताया कि आध्यात्मिक जानकारों का कहना है कि नियमित रूप से भगवान का नाम स्मरण करने से मानसिक तनाव दूर होकर आत्मबल बढ़ता है। जिसमें व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रख पाता है। सेवा भाव के साथ किया गया कर्म समाज में सकार...
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