साहिबगंज, फरवरी 28 -- कोटालपोखर। दुखः कष्ट के वक्त लोग भगवान को याद करते है, लेकिन सुख के समय स्मरण करना भूल जाते है, जबकि भगवान को सुख-दुख हर पल भजना चाहिए। उक्त बातें मयूरकोला समिति के सात दिवसीय संगीतमय भागवत कथा सह ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन गुरुवार की शाम उपस्थित श्रोताओं के बीच प्रवचन देते हुए लखनऊ की कथा वाचिक साध्वी प्रियंका शास्त्री ने कहीं। कथा को लेकर काफी संख्या में महिला पुरुष उपस्थित थे। उन्होंने कहा की गीता में उल्लेख है कि अर्जुन ने श्रीकृष्ण को गुरु का स्थान दिया था। जो हर समय पांडवो को उपदेश देते रहता था। पर युधिष्ठिर को यह उपदेश समझ में नहीं आ रहा था। इसकी जानकारी श्रीकृष्ण को हो गयी। इसको लेकर पांडवों को भीष्म पितामह के पास ले जाने की बात कही। पांडवो के साथ साथ द्रोपदी को भी ले गये। भीष्म पितामह वाणों की सैया में पड़े हुए ...
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