नई दिल्ली, फरवरी 14 -- हिंदू धर्म में भगवान का नाम जपते, भजन गाते या जयकारा लगाते समय हाथों को ऊपर उठाना एक परंपरा है। यह केवल उत्साह या खुशी का इजहार नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे आध्यात्मिक, प्रतीकात्मक और वैज्ञानिक कारण छिपे हैं। यह क्रिया भक्त और ईश्वर के बीच एक विशेष संवाद स्थापित करती है। प्राचीन ग्रंथों, योग शास्त्र और लोक परंपराओं में इस मुद्रा का उल्लेख मिलता है। आइए जानते हैं कि जयकारा के समय हाथ ऊपर उठाने का क्या महत्व है।जयकारा और ऊपर उठे हाथों का प्रतीकात्मक अर्थ जब भक्त 'जय श्री राम', 'हर हर महादेव' या 'जय हो' जैसे जयकारे लगाता है और हाथ ऊपर उठाता है, तो यह समर्पण का प्रतीक बन जाता है। ऊपर उठे हाथ ईश्वर के सामने पूर्ण आत्मसमर्पण दर्शाते हैं। यह मुद्रा बताती है कि भक्त अपने अहंकार, इच्छाओं और सांसारिक बंधनों को छोड़कर ईश्वर क...