मेरठ, दिसम्बर 14 -- मुंडाली। नंगलामल स्थित आदि गुरु शंकराचार्या गुरुकुल आश्रम में चल रही नौ दिवसीय श्री राम कथा के पांचवें दिन शनिवार को वाचक मुकेश महाराज ने भक्तों को सिया-राम विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने भक्तों को बताया कि श्री राम और सीता का विवाह त्रेता युग में मिथिला के राजा जनक के यहां हुआ था। जब भगवान राम ने शिव धनुष तोड़ा था। यह विवाह मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी (विवाह पंचमी) को हुआ। जिसमें उनके 36 गुण मिले और यह विवाह सीता स्वयंवर के माध्यम से संपन्न हुआ था। जिसे विवाह पंचमी के रूप में मनाया जाता। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक कथा सुनी और आनंद लिया। आश्रम संस्थापक स्वामी दीपक ज्ञानानंद सरस्वती महाराज व उनके शिष्य जिला पंचायत सदस्य अमित फौजी ने भक्तों को प्रसाद वितरण किया। इस दौरान ओम तोमर, ठा. अधिवक्ता सुनील कुमार, गजेन्द्र सिंह, दिव्या ...
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