प्रयागराज, जनवरी 11 -- अंदावा स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर रविवार को भक्ति पर्व समागम का आयोजन हुआ। जम्मू-कश्मीर से आए केंद्रीय प्रचारक संत विनोद साहिब ने कहा कि भक्ति केवल शब्द नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सजग यात्रा है। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति आत्म-मंथन से शुरू होती है। भक्त का स्वभाव मरहम के समान होना चाहिए, चालाकी और जानबूझकर किसी को चोट पहुंचाना भक्ति के मार्ग में बाधा है। समागम में परम संत संतोख सिंह, माता सविंदर और राजमाता के तप और त्यागपूर्ण जीवन को याद किया गया। वक्ताओं ने जोर दिया कि सतगुरु माता सुदीक्षा के मार्गदर्शन में ब्रह्मज्ञान को अपनाकर ही जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। क्षेत्रीय संचालक अशोक कुमार, गीता रामजी, उषा साहिब, रिया साहिब, अशोक शास्त्री आदि उपस्थित रहे।
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