पटना, दिसम्बर 28 -- भक्ति कविता देश के वातावरण को खुशहाल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के सदस्य अनुपम तिवारी ने रविवार को खानकाह शाह अरजानी में उर्दू में अकीदतमंदाना शायरी विषय पर आयोजित संगोष्ठी के दौरान ये बाते कहीं। उन्होंने कहा कि भक्ति कविता मानवीय भावनाओं में निहित है और मानव मन को प्रेरित करने का काम करती है। संगोष्ठी के आयोजक और खानकाह के सज्जादानशीं पीर सैयद शाह हसीन अहमद ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए। दो दिवसीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता मौलाना आजाद विश्वविद्यालय, जोधपुर के पूर्व कुलपति पद्मश्री अख्तरुल-वासे ने की। विशिष्ट अतिथि के तौर पर झारखंड विश्वविद्यालय के इस्लामी अध्ययन विभाग के डॉ. जैन रामिश मौजूद रहे। खानकाह की परंपरा के अनुसार सैयद शाह जीशान अहमद ने पवित्र कुरान के प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.