गोरखपुर, नवम्बर 28 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। डीडीयू के भौतिकी विभाग में आयोजित 'इंटरएक्टिव लेक्चर सीरीज' के अंतर्गत शुक्रवार को 'ब्लैक होल: ए कॉस्मिक मिस्ट्री' विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि ब्लैक होल केवल एक खगोलीय पिंड नहीं, बल्कि स्थान-काल की गहन ज्यामितीय व्याख्या का अद्भुत उदाहरण है। ब्लैक होल को प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकता, किंतु इसके अस्तित्व के प्रमाण ग्रेविटेशनल वेव्स, इवेंट होराइजन टेलीस्कोप और सितारों के गति विश्लेषण के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। अंत में समय यात्रा की अवधारणा पर भी चर्चा हुई, जिसमें आइंस्टीन की सापेक्षता के सिद्धांत के अनुसार, अत्यधिक गुरुत्वीय क्षेत्र समय के प्रवाह को धीमा कर सकते हैं। यह विचार ब्लैक होल को न केवल खगोल भौतिकी रहस्य, बल्कि द...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.