मुजफ्फरपुर, जनवरी 4 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। विश्व ब्रेल दिवस के अवसर पर रविवार को रामदयालु नगर स्थित सेमिनार हॉल में एक संगोष्ठी हुई। इसमें बतौर मुख्य अतिथि पूर्व राज्य आयुक्त नि:शक्तता डॉ. शिवाजी कुमार ने कहा कि ब्रेल केवल लिपि नहीं, यह दृष्टिबाधितों के लिए जीवन की रोशन है। रानी लक्ष्मीबाई महिला विकास समिति द्वारा संचालित सफल विशेष विद्यालय व छात्रावास तथा मुजफ्फरपुर पीडब्ल्यूडी संघ के संयुक्त तत्वावधान में संगोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि डॉ. शिवाजी ने ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल के जीवन, संघर्ष एवं ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि लुई ब्रेल का जन्म चार जनवरी 1809 को फ्रांस के कूपव्रे गांव में हुआ था। एक दुर्घटना के कारण बाल्यावस्था में ही वे दृष्टि बाधित होने के बावजूद अदम्य साहस का परिचय देते हुए मात...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.