गिरडीह, नवम्बर 17 -- बेंगाबाद, प्रतिनिधि। खुरचुट्टा वन प्रक्षेत्र के हतवा जंगल स्थित चंदवा पहाड़ी के शिखर चोटी पर बने वर्षों पुराना लूक टावर का अस्तित्व खतरे में है। मरम्मति के अभाव में लूक टावर की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है। वन विभाग द्वारा जीर्णोद्धार की दिशा में किसी प्रकार की कोई पहल नहीं किये जाने से यह टावर धाराशायी होने कीकगार पर है। ब्रिटिश शासन काल में बना लूक टावर वन विभाग के लिए धरोहर से कम नहीं है। बताया जाता है कि वनों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से पहाड़ी की चोटी पर ब्रितानी शासन काल में लूक टावर के निर्माण होने की बात बताई जाती है। कहा कि लूक टावर कई मायने में सुरक्षित माना जाता था। वनों की सुरक्षा के साथ साथ जंगली जानवरों से राहत के लिए विशेषकर वन रक्षियों के लिए इसका निर्माण किया गया था। ताकि जानवरों के आक्रमण से बचने के लि...
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