नई दिल्ली, जनवरी 19 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक मिसाल पेश करते हुए इंग्लैंड व वेल्स के सुप्रीम कोर्ट (किंग्स बेंच डिवीजन) के अनुरोध पर कार्रवाई शुरू की। इस अनुरोध में भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी और बैंक ऑफ इंडिया के बीच चल रहे एक कानूनी मामले में भारत में मौजूद गवाह के बयान दर्ज करने की मांग की गई थी। यह मामला बैंक ऑफ इंडिया द्वारा नीरव मोदी पर लगाए गए कर्ज न चुकाने के आरोपों से जुड़ा है। न्यायूर्ति सी. हरि शंकर की पीठ इस विषय पर सुनवाई कर रही है। इस मामले में ब्रिटिश अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारी अनिमेष बरुआ का साक्ष्य दर्ज करने का आग्रह किया है। यह पूरी प्रक्रिया नागरिक या वाणिज्यिक मामलों में विदेशों में साक्ष्य लेने से संबंधित हेग कन्वेंशन के तहत संचालित की जा रही है। केंद्रीय विधि व न्याय मंत्...
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