नई दिल्ली, फरवरी 23 -- नई दिल्ली, अरविंद सिंह। रेल यात्रियों की बढ़ती शिकायतों के चलते भारतीय रेल की छवि खराब हो रही है। इसको सुधारने के लिए पहली बार यात्री सुविधाओं का ऑडिट रेलवे बोर्ड को सौंपा गया है। अभी तक यह कार्य जोनल रेलवे के शीर्ष अधिकारी करते रहे हैं, लेकिन नई व्यवस्था में यात्रियों को बेहतर खानपान और बेडरोल सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी रेलवे बोर्ड के सदस्यगण के कंधों पर होगी। ट्रेन, पेट्रीकार और प्लेटफार्म का औचक निरीक्षण बिना किसी तामझाम (वीआईपी प्रोटोकॉल) के होगा। साथ ही अगले एक घंटे में ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करनी होगी, जिससे कार्रवाई सुनिश्चत की जा सके। रेलवे बोर्ड ने इसे 'प्रोजेक्ट मिरर' का नाम दिया है, जिसका उद्देश्य रेलवे के मानकों को जमीन पर उताराना है। रैंडम डायनामिक ऑडिट अपनी पुरानी इंस्पेक्शन पद्धति से पूरी तरह भिन्न होग...