नई दिल्ली, जनवरी 16 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कहा है कि लोकतांत्रिक संस्थाएं तभी सशक्त और प्रासंगिक बनी रह सकती हैं जब वे पारदर्शी, समावेशी, उत्तरदायी और जनता के प्रति जवाबदेह हों। बिरला राष्ट्रमंडल के अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सीएसपीओसी की स्थापना के पीछे 56 वर्ष पूर्व की परिकल्पना को याद किया। उन्होंने कहा, यह सम्मेलन राष्ट्रमंडल की लोकतांत्रिक विधायिकाओं के बीच सतत संवाद सुनिश्चित करने तथा संसदीय कार्यकुशलता तथा उत्तरदायित्व को बढ़ाने के नए उपायों की खोज के उद्देश्य से शुरू किया गया था। 28वें सीएसपीओसी ने इस विरासत को नई ऊर्जा और सार्थकता के साथ आगे बढ़ाया है। इस सम्मेलन की एक विशिष्ट विशेषता के...