बलिया, नवम्बर 27 -- बैरिया। एसआईआर के कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए एक ओर प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी दिन-रात लगे हैं, वहीं ग्राम प्रधानों और राजनीतिक दलों का पर्याप्त सहयोग नहीं मिलने से उन्हें परेशानी भी हो रही है। सबसे अधिक परेशानी ब्याह कर बिहार या दूसरे प्रांतों से लाई गई दुल्हनों का डाटा जुटाने में हो रहा है। उनका न तो बिहार की मतदाता सूची में नाम है और न यहां की वोटर लिस्ट में। ऐसे में उनका नाम दर्ज करने में बीएलओ के सामने परेशानी आ रही है। आधार कार्ड भी अधिकांश के पास नहीं है। सीमित अवधि में उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज कराना चुनौती भरा है। प्रशासन स्तर पर बीएलओ के सहयोग के लिए पांच एआरओ, 40 सुपरवाइजर के अलावा 382 शिक्षक और बैरिया तहसील के सभी लखपालों को तैनात कर दिया गया है। गुरुवार तक लगभग 40 फीसदी कार्य पूरा हो सका है। ह...