नई दिल्ली, नवम्बर 13 -- नई दिल्ली। वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने बृहस्पतिवार को छोटी राशि के कर्ज देने वाले वित्तीय संस्थानों (एमएफआई) से वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने के लिए अपनी ब्याज दरें उचित रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को पैसे की सख्त जरूरत होती है, वे ऊंची ब्याज दर पर उधार ले सकते हैं। लेकिन वे उसे वापस नहीं कर पाते, जिसके परिणामस्वरूप वित्तीय संस्थानों में दबाव वाली संपत्तियों में वृद्धि होती है। इस क्षेत्र में दबाव के कारण खातों की संख्या घटकर मार्च, 2025 के अंत तक 3.4 लाख हो गई है, जो 31 मार्च, 2024 को 4.4 लाख थी।

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