गोरखपुर, अक्टूबर 30 -- नीरज मिश्र गोरखपुर। दुनिया में स्वाद और सुगंध के लिए मशहूर कालानमक चावल शुगर मरीजों के लिए रामबाण है। आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन हैदराबाद में किए गए शोध में इसका खुलासा हुआ है। बौना कालानमक चावल खिलाने के बाद शोध में शामिल 15 वालंटियर में जीआई (ग्लाइसेमिक इंडेक्स) 55.3 मिला। डीडीयू में एक व्याख्यान में पहुंचीं भारतीय धान अनुसंधान संस्थान हैदराबाद की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सीएन नीरजा ने विशेष बातचीत में बताया कि बौना कालानमक की प्रजाति सीआरडी केएन-टू को अलग-अलग उम्र के 15 लोगों को खिलाया गया। इसके बाद इनके ब्लड शुगर की जांच की गई। इस दौरान सभी वालंटियर के ब्लड शुगर में ग्लाइसेमिक इंडेक्स 55.3 के अंदर ही मिला। जबकि सामान्य प्रजाति के चावलों के सेवन के बाद जीआई का स्तर 7...