गाज़ियाबाद, फरवरी 2 -- गाजियाबाद। डासना स्थित एसडीजीआई ग्लोबल यूनिवर्सिटी में भारत सरकार के राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा जागरूकता मिशन के अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में नित्या त्यागी ने छात्रों को पेटेंट, डिजाइन, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, पेटेंट फाइलिंग प्रक्रिया, संरक्षण एवं वाणिज्यीकरण पर जानकारी दी। अकादमिक संस्थानों, स्टार्टअप्स और उद्योगों में आईपीआर की व्यावहारिक उपयोगिता के बारे में भी बताया। वाइस चांसलर प्रो. प्रसेनजीत कुमार ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम नवाचार एवं सृजनात्मक सोच को प्रोत्साहित करते हैं। रजिस्ट्रार डॉ. राजीव रतन ने इसे भारत सरकार की नवाचार पहलों के अनुरूप बताया। डीन एकेडमिक प्रो. ए. शनमुगनाथन ने कहा कि आईपीआर की समझ गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए अनिवार्य है।

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