नई दिल्ली, फरवरी 13 -- बारिश,जाम व कोहरा आदि समस्याओं के बाद भी समय से बस को वापस लाने का दबाव चालक व परिचालकों पर रहता है। चालक व परिचालकों के लिए डग्गेमार वाहन और पुलिस के चालान काफी परेशान कर रहे है। यदि पुलिस के स्तर से चालान रोडवेज बस का कर दिया जाए तो उसे चालक को अपनी जेब से जमा खजाने में करना पड़ता है। लोड फैक्टर पूरा न होने पर अपने वेतन से कटौती करानी पड़ती है। संविदा के चालक व परिचालकों को किलोमीटर के अनुसार मानदेय मिलता है। जोकि समय से चालक व परिचालकों को नहीं मिल पाता। यात्रियों को उनके गतंव्य तक पहुंचाने के लिए रोडवेज की स्थापना कराई गई। हाथरस डिपो के बाडे में कुल 81 बसे है,जिनके संचालन के लिए रोडवेज की ओर से चालक और परिचालकों को जिम्मेदारी सौंपी गई। रोडवेज के चालक व परिचालक तमाम परेशानियों से जूझ रहे है। लेकिन उनकी समस्याओं क...
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