हल्द्वानी, फरवरी 27 -- हल्द्वानी। दवा कक्ष में दवाइयों की खोज और स्टोरेज से लेकर रोगियों को दवाइयों की सही जानकारी देने वाले फार्मेसी अधिकारियों को सही व्यवस्थाएं नहीं मिल पा रही हैं। अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ रोगी को दवा देने से लेकर इंजेक्शन लगाने, पोस्टमार्टम कराने के साथ ही इनसे चारधाम यात्रा और वीआईपी ड्यूटी आदि हर जगह काम लिया जाता है। वहीं राज्य में भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक लागू होने के बाद फार्मेसी अधिकारियों के पदों पर स्थायी नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं। इस वजह से पुराने फार्मासिस्टों पर काम का दबाव बढ़ गया है। फार्मेसी अधिकारियों का कहना है कि पद कम होने के कारण एक ही फार्मेसी अधिकारी को दो हजार रोगियों को दवा बांटनी पड़ रही है। छठे वेतनमान के अनुसार उन्हें पदोन्नति और वेतनमान तक नहीं मिल रहा है। फार्मेसी संवर्ग मे...
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