हरदोई, फरवरी 17 -- हरदोई। हमारा काम पढ़ाना है, बच्चों का भविष्य बनाना है लेकिन इससे इतर दूसरे काम लाद दिए जाते हैं। मिडडे मील का राशन लेने जाओ, सफाईकर्मी न आए तो खुद सफाई कराओ। चुनाव और अन्य सरकारों कार्यों में मनमानी तरह से ड्यूटी लगा दी जाती है। निरीक्षण पर कोई अफसर आ जाए तो कमियां ऐसी निकाल दी जाती हैं कि वेतन तक कटवाओ। यह दर्द बेसिक शिक्षकों का है। हमारा काम है बच्चों का भविष्य संवारना। हम इसके लिए मेहनत भी करते हैं पर गैर शैक्षणिक कार्यों में ड्यूटी लगने से हमारी मंशा पर पानी फिर जाता है। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने इस तरह की कई समस्याएं बयां की। उनका कहना है कि बीच सत्र में प्रशिक्षण होने से बीआरसी और डायट के चक्कर लगाने पड़ते हैं। एमडीएम के लिए राशन कम मिलने पर कोटेदार के यहां खुद जाना पड़ता है। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान से श...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.