हजारीबाग, फरवरी 21 -- हजारीबाग के दक्षिणी हिस्से में स्थित हुरहुरू तालाब कभी प्राकृतिक सौंदर्य और सामाजिक जीवन का प्रमुख केंद्र था। सुबह-शाम लोगों की आवाजाही और स्वच्छ जल इसकी पहचान थे। लेकिन तेजी से बढ़ते नगरीकरण, आसपास बन रहे मकानों, गंदे पानी के प्रवाह और कूड़ा फेंकने की प्रवृत्ति ने इसकी स्थिति बिगाड़ दी है। हिन्दुस्तान बोले हजारीबाग कार्यक्रम में लोगों ने तालाब की दुर्दशा पर चिंता जताई। उन्होंने सौंदर्यीकरण, नियमित सफाई, पक्की नाली निर्माण की मांग की है, ताकि तालाब को फिर से उसकी पुरानी गरिमा लौट सके। हजारीबाग। हजारीबाग शहर के दक्षिणी हिस्से में हुरहुरू का तालाब एक प्रमुख नम भूमि है। पुराने जमीन के नक्शे में इसका रकबा काफी बड़ा है। परंतु हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में नगरीकरण का प्रभाव बहुत तेजी से दिख रहा है। हर साल सैकड़ों घर और ...
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