हजारीबाग, सितम्बर 24 -- हजारीबाग का कर्जन ग्राउंड आज उन महिला फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए संघर्ष का मैदान बन चुका है, जिन्होंने अपने खेल से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। ये खिलाड़ी जहां सपनों को पंख देने आती हैं, वहीं बदहाल मैदान, जर्जर हॉस्टल, फ्लडलाइट की कमी और शिक्षा से जुड़ी अड़चनें उनके हौसलों को तोड़ने का काम करती हैं। ऊपर से असुरक्षित माहौल उनकी तैयारी में बड़ी बाधा बन गई है। हिन्दुस्तान के बोले हजारीबाग कार्यक्रम में महिला फुटबॉलरों ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि उन्हें अलग और सुरक्षित ग्राउंड की सुविधा मिले। हजारीबाग। हजारीबाग का कर्जन ग्राउंड अर्थात स्टेडियम इन दिनों इंडोर और आउटडोर दोनों तरह के खेलों के प्रशिक्षण के लिए एक प्रमुख स्थल बन गया है। एक ही मैदान में बहुत सारे खेल होने के कारण फुटबॉल जो कि खुले और बड़...
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