हजारीबाग, जुलाई 2 -- हजारीबाग में इंदिरा गांधी आवासीय विद्यालय की स्थापना वर्ष 1984 में नेतरहाट स्कूल की तर्ज पर की गई थी। एकीकृत बिहार के दौर में ही यह विद्यालय कम समय में उत्कृष्टता का प्रतीक बन गया था। आज भी यहां की छात्राएं निरंतर बेहतर प्रदर्शन कर राज्य स्तर पर टॉप टेन में स्थान बना रही हैं। हालांकि, संसाधनों की कमी उनकी राह में रोड़े अटका रही है। बोले हजारीबाग की टीम से छात्राओं ने अपनी समस्याएं साझा कीं। इससे यह स्पष्ट हुआ कि प्रतिभा के साथ अब सुविधा की दरकार भी जरूरी है। हजारीबाग। आज भी झारखंड के प्रमुख शिक्षा संस्थान में गिना जाता है। झारखंड बोर्ड के तहत यहां 10वीं और 12वीं की परीक्षा होती है। हर वर्ष झारखंड टॉपर में यहां के बच्चे 1 से 10 में रहते हैं। कुछ वर्ष पूर्व यहां विज्ञान विषय में 12वीं तक पढ़ाई प्रारंभ की गई है। परंतु इस...
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