हजारीबाग, फरवरी 24 -- हजारीबाग। शादी और त्योहारों में मिठास घोलने वाला हलवाई समाज कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा है। बढ़ती महंगाई और बदलते ग्राहकों के व्यवहार के कारण आजीविका पर संकट गहरा गया है। एक ओर कच्चे माल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं ग्राहक मिठाइयों की कीमत बढ़ाने को तैयार नहीं हैं। हजारीबाग के कोलटैक्स चौक पर खाजा बेचने वाले हलवाई समाज के लोगों को हाल अब खस्ता हो चला है। अब उतनी ब्रिकी नहीं रही है। सिर्फ सिजनल बिक्री होती है। ऐसे में उनके समक्ष कई चुनौतियां खड़ी हो गयी हैं। हजारीबाग। खाजा, एक ऐसी मिठाई जो खास्ते में लाजवाब होती है, खाने वालों लगता है कि कुछ भी नहीं खाया और देखने वालों को लगता है कितना खा लिया। यह प्रसिद्ध पारंपरिक मिठाई है। जो शादी-ब्याह और विशेष आयोजनों का अहम हिस्सा होती है। इस मिठाई का स्वाद लोगों को लुभाता ह...
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