सीवान, मई 19 -- सीवान जिले में लहसुन की खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है। हाल के वर्षों में आलू की अगात बुआई कर उसकी कटाई के बाद भी लहसुन की खेती का चलन बढ़ा है। आसपास के दर्जनों गांवों के किसान लहसुन की खेती से आत्मनिर्भर बन अपनी आमदनी में खासी बढ़ोतरी कर रहे हैं। किसानों की मानें तो इस बार कई गांवों के खेतों में लहसुन की खेती हुई है। इस वर्ष लहसुन की फसल से प्रति बीघे अच्छी आमदनी हो रही है। सैकड़ों बीघे में लहसुन की फसल की बुआई हुई थी। इस तरह, जलवायु में लहसुन की उपज 200-250 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक हो सकती है। हालांकि, जिस भाव में लहसुन आम लोगों को खरीदना पड़ रहा है, वह भाव सीधे लहसुन उत्पादकों को न मिलकर बिचौलियों को मिल रहा है। किसानों को इसी बात का दुःख है। उनका कहना है कि वे तीन माह तक मेहनत कर फसल उपजाते हैं और बिचौलिये पल भ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.