सीवान, जनवरी 8 -- जिले में खेती की तस्वीर धीरे-धीरे चिंता का विषय बनती जा रही है। खेतों की मिट्टी पहले जैसी उपजाऊ नहीं रही और किसान घटती पैदावार को लेकर परेशान हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह खेती में जैविक खाद का लगभग खत्म हो जाना और रासायनिक खाद पर बढ़ती निर्भरता मानी जा रही है। सरकार एक ओर जैविक खेती और जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए अनुदान और योजनाओं की घोषणा कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। जिले के किसानों की सबसे बड़ी चिंता इन दिनों खेतों की लगातार घटती उर्वरा शक्ति बन चुकी है। किसानों का कहना है कि पहले जहां एक ही फसल में संतोषजनक उत्पादन हो जाता था, वहीं अब अधिक खाद, अधिक पानी और मेहनत के बावजूद पैदावार में गिरावट देखी जा रही है। यह स्थिति न केवल किसानों की आमदनी को प्रभावित कर रही है, बल्कि खेती के भवि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.